अल्लाह की मा’रिफ़त


अल्लाह की मा’रिफ़त दरअसल ग़ौर-ओ-फ़िक्र का नतीजा होती है, जहाँ इंसान तख़्लीक़ (सृष्टि) में ग़ौर-ओ-फ़िक्र के ज़रिए अपने रब्ब को दरयाफ़्त (discover) करता है।

अल-रिसाला July-2011        








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